SEO kya hai? Website ki SEO kaise kare?

seo kaise kare

 

SEO क्या hai? SEO kaise kare? और कैसे अपने ब्लॉक की ट्रैफिक को बढ़ाएं

SEO का फुल फॉर्म है सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन(Search Engine Optimization)

अपनी वेबसाइट या ब्लॉग को मेजर सर्च इंजन जैसे गूगल,Yahoo,Bing यह सब सर्च इंजिन पर रैंकिंग करने के लिए हमारे वेबसाइट में जो हम लोग चेंज करते हैं इसलिए बोलते हैं SEO।

SEO के मतलब है अपनी वेबसाइट या ब्लॉग को Search Engine Friendly बनाना

हम जब कोई ऑनलाइन ब्लॉग या वेबसाइट शुरू करते हैं तू यह ध्यान रखना पड़ता है कि हमें ज्यादा से ज्यादा ट्रैफिक मिले

ऑनलाइन इनकम करने के लिए ट्रैफिक सबसे महत्पूर्ण बिसय है अगर अप्पकी साइट में ट्रैफिक नहीं आएगा तोह तो आप ऑनलाइन इनकम कर नहीं सकते आपकी साइट या ब्लॉग में ऑनलाइन इनकम के लिए अच्छी quality ट्रैफिक आने की जरूरत है और उसके लिए सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन करना बहुत इंपॉर्टेंट है

सेअर्च इंफीने जैसे गूगल,Yahoo, Bing से जो ट्रैफिक हमें आता है यह क्वालिटी ट्रैफिक है और हम लोग अगर इस क्वालिटी ट्रैफिक को अपने साइट पर ले आते हैं तो गूगल adnetwork जैसे एडसेंसे, एफिलिएट मार्केटिंग दोनों से ही बहुत अच्छी तरह रेवेन्यू generate कर सकते हैं

अगर हमारे किसी lead generation वेबसाइट है या e-commerce वेबसाइट है तो हम लोग इसे अच्छी तरह SEO करके अच्छी खासी ट्रैफिक ले सकते हैं जिसकी बदौलत हम क्वालिटी लीड या sales genarate कर सकते हैं लेकिन यह ध्यान रखना पड़ेगा कि SEO एक Long Term Process है कोई short-term process नहीं हैं।

तो चलिए जान लेते हैं  SEO की डेफिनेशन क्या है?[what is seo in hindi] SEO के मतलब है (Search Engine Optimization)।

तोह जैसे अप्पको post की पहले ही बोल चूका हूँ की SEO का सीधा और सरल मतलब हैं की अपनी वेबिस्ते या ब्लॉग को सर्च इंजन में कैसे आगे ले ए उसे बोलते हैं।

जब किसी भी यूजर अपनी मोबाइल या कीवर्ड से गूगल में कुछ query डालते हैं तो गूगल सर्च रिजल्ट पर वेबसाइट के लिंक शो करता है आपकी वेबसाइट के रैंक search engine page में जितना आगे आएगी आपकी वेबसाइट या ब्लॉग में trafficआने की संभावना उतना ही बढ़ेगी

एक स्टडी के मुताबिक अगर आप गूगल सर्च इंजन पेज में टॉप सी पोजीशन gain कर पाते हैं तो आपके वेबसाइट में ट्रैफिक 70% से अधिक आने की संभावना है उस keyword से।

उसकी बाद से अगर आपकी वेबसाइट के रैंकिंग फर्स्ट पेज में 4 नंबर से 6 नंबर या उससे अधिक होती हैं तो आपके website में ट्रैफिक कब आ सकती है

तोह हमे अच्छी SEO करने के लिए अपनी वेबसाइट स्ट्रक्चर,हाई क्वालिटी कंटेंट,और अथॉरिटी लिंक्स की जरुरत होती हैं।

अगर यह तीन चीज हम लोग कर पाते हैं तो हमारा वेबसाइट गूगल या किसी और सर्च इंजन की अंदर बहुत अच्छी तरह से SEO optimized हो जाएगी जिससे हमे खूब क्वालिटी ट्रैफिक मिलेगी।

अब चलिए जानते हैं सचिन इनको कैसे पता चलता है कौन से वेबसाइट को रैंकिंग करना है।

गूगल दुनिया की सबसे बड़ी सर्च इंजन हैं हरदिन करीब 5।6 billion सर्च क्वेरी हैंडल करते हैं। इसका मतलब हैं हरदिन गूगल में करीब 5।6 billion लोग सर्च करते हैं इतनी भरी मात्रा में यूजर को स्माल पाना आसान काम नहीं हैं।इसके ऊपर गूगल छठा हैं की सब लोगो को सबसे अच्छी और relevant रिजल्ट्स मिले।उसके लिए गूगल का हज़ारो ेंगिनीर्स काम करते हैं।

वैसे तो गूगल हर दिन चेंज करते रहते हैं अपनी सर्च अल्गोरिथम में (Search Algorithm) पर अभी गूगल की कुछ फिक्स पैरामीटर है।गूगल अभी 200 से अधिक सिग्नल के ऊपर निर्भर करके वेब्सीटेस को रैंकिंग प्रदान करती हैं।

इस सब सिग्नल्स में से Content Quality, हाई क्वालिटी लिंक्स, सोशल signals, डेस्कटॉप और मोबाइल लोडिंग स्पीड,अच्छी यूजर experience यह सब मायने रखता है।

तो अगर आपकी साइट यह सब signals में खरा उतरता है तो आपकी वेबसाइट या ब्लॉग को गूगल अच्छी तरह से समझ पाता है और आपकी वेबसाइट की गूगल में रैंकिंग करने की सम्भावना खूब बढ़ जाती है

हाल ही में गूगल नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग(NLP) के ऊपर बहुत ज़ोर दिया है और उसकी हिसाब से विविध गूगल एल्गोरिदम रिलीज कर रही है

यह सब Algorithm यूजर का असली सर्च इंटेंट को समझकर उसके हिसाब से आपकी वेबसाइट को रंग करने में सक्षम है।तोह सिर्फ कीवर्ड रिसर्च करके उनके ऊपर काम करने का तरीके अब SEO में बदल चूका हैं।आपको सबसे पहले अप्पके यूजर का सर्च इंटेंट समझना होगा। उसे बाद अपनी यूजर की सर्च इंजन के मुताबिल यूजर इंटेंट समाजके कंटेंट देना पड़ेगा।

गूगल का लैंग्वेज आयुर्वेदम और हाल ही में लॉन्च हुआ BERT Algorithm यूज़र इंटेंट को समझने में गूगल को खूब madat करता है जिसके कारण बस अब यूजर की सर्च intent बहुत अच्छी तरह समझ पाती है।

कुछ साल पहले लांच हुआ गूगल Rankbrain से है गूगल ने यूजर इंटेंट के ऊपर रैंकिंग करना शुरू कर दिया था

तोह आज की ज़माने में आपकी वेबसाइट को रैंकिंग करने के लिया आपकी वेबसाइट को टेक्निकली वि स्ट्रांग होना पड़ेगा। अपनी वेबसाइट में क्वालिटी कंटेंट अच्छी वेबसाइट स्ट्रक्चर अच्छी लोडिंग स्पीड और अच्छी लिंग प्रोफाइल मेंटेन करते हैं तो हमारी वेबसाइट में खुद-ब-खुद सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के हिसाब से गूगल याहू बिन यह सब मि जैसा चीनी से हमारे ट्रैफिक आएगी।

वैसे तो साइट या ब्लॉग में ट्रैफिक लेन करने के लिए और भी दूसरे उपाय जैसे कि गूगल एड्स, बींग एड्स, फेसबुक एड्स, Remarketing Ads सब कुछ हैं लेकिन इसमें एक ही परेशानी हैं। इसका मतलब है कि हम लोग गूगल याहू बिंग मैं ads चलाकर पैसा लगा के traffic ले सकते हैं

पैसा लगाकर एड्स चलनेको PPC या पेड ट्रैफिक बोलते हैं।हाला की एक शार्ट टर्म में ट्रैफिक लेना के लिए एक अच्छी उपाय हैं लें कोई लॉन्ग टर्म सलूशन नहीं हैं

PPC या पेड ADS एक अच्छी उपाय हैं लेकिन फिर भी अगर long-term किशोर जाए तो जाए तो इस SEO के मुकाबले यह ट्रैफिक आपको उतनी अछि ROI दे नहीं पायेगी

अगर अप्प पेड एड्स की हिसाब से हिसाब से जायेगे तोह अप्पको यह संजना होगा की जब तक अपना पैसा गूगल एड्स या ऐसे किसी ADNETWORK में डालेंगे तब तक ही आपका वेबसाइट में ट्रैफिक आएगा एक बार आप ऐड बंद कर देंगे तो आपके वेबसाइट में यह पेड ट्रैफिक आना भी बंद हो जाएगा

तोह Long Term ट्रैफिक,Leads और Sales के लिए SEO बहुत जरूरी है। तोह अगर अप्पकी बजट लिमिटेड हैं तोह SEO अप्पके लिए एकदम सही ऑप्शन हैं। हाला की इसमें टाइम और एफर्ट थोड़ा ज़ादा देना पड़ता हैं लेकिन अगर एकबार अप्पकी वेबसाइट अच्छी तरह SEO में रैंक करने लगेगी तोह आपकी दूसरी कीवर्ड्स वि धीरे धीरे रैंक करने लगेगी। SEO की और एक फायदा यह हैं की SEO सिर्फ कंटेंट और ब्लॉग वेब्सीटेस के लिए ही नहीं हैं।अगर अप्पकी ecommerce वेबसाइट वि हैं तोह अप्प अच्छी कंटेंट और प्रोडक्ट और केटेगरी पेजेज को अच्छी तरह से optimize करके अपनी प्रोडक्ट की सेल्स को बड़ा सकते हैं। गूगल ने ecommerce साइट्स के लिए पॉपलुलर listing वाली एक सेक्शन लांच किया हैं जिसमे अप्प प्रोडक्ट स्कीमा को उसे करके फ्री में SEO से अपनी प्रोडक्ट को रैंक कर सकते हैं।

अगर आप किस साइड या ब्लॉक ठीक-ठाक इसी ऑप्टिमाइज्ट है तो यह आपके साइड में लॉन्ग टर्म के लिए ट्रैफिक ले सकते हैं जो आपके लिए Revenue generate करेगी रेगुलर बेसिस पे।

चलिये आप जानते हैं SEO कितनी तरह की होती हैं? SEO दो टाइप की होती हें एक Onpage SEO और एक ही Off-Page SEO

Onpage SEO kaise kare?

लोग वेबसाइट की अंदर चेंज करते हैं यह नीचे दिया कि वह किस कंपनी में करता है

Title TAG :

आपकी वेबसाइट का Title TAG बहुत महत्वपूर्ण है आप अपनी वेबसाइट में अपना टाइटल टैग में अपना main Keywords डाल सकते हैं और आप का टाइटल ट्रैक 60 से 70 Character में अंदर होना चाहिए।एक अच्छी तरह से SEO Optimized Title TAG आपकी वेबसाइट की रैंकिंग प्राप्त करने के लिए खूब हेल्प करेगी।हाली में गूगल की guidelines के अनुसार Title TAG 600 Pixel की andar होने के लिए गूगल खुद रिकमेन्डेशन दे रहे हैं।

तोह आप अपनी Title TAG 600 Pixel की अंदर हो रहा की नहीं कैसे चेक कर पाएंगे?

इसके लिए में अप्पको Counting Charcters वेबसाइट की इस लिंक में जा के चेक करने को recommendation दूंगा। http://www।countingcharacters।com/google-serp-tool

अप्पको सही तह से पता चल जायेगा।

Meta Description TAG :

Title TAG के बाद Meta Description TAG,SEO के लिए बहुत इंपोर्टेंट फैक्ट है आपसे Meta Description 160 शब्द में लिखकर वेबसाइट में लगाना चाइये। Meta Description TAG के अंदर वि अप्पको आपकी keyword देना चाइये।

Image ALT TAG :

इमेज ALT टैग इमेजेस seo के liye एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात है।

हम लोग अब इमेज से भी अपनी वेब्सीटेस को रैंक करके बहुत सारे ट्रैफिक पा सकते हैं इसके लिए हमें इमेज इमेज ALT टैग USE करना होता है।

इमेज ऑल टैग में हमारा जो रिलेटेड कीवर्ड और HELPING Keyword डालना चाहिए।

Favicon:

Favicon आपके साइट को पहचानने से help करता है। तोह एक अच्छी तरह डिज़ाइन किया गया Favicon अप्पकी वेबसाइट को गूगल सेरच में अच्छी तरह से दिखने के लिए उसे किया जाता हैं अभी तोह गूगल ने सर्च रिजल्ट्स में सबसे आगे आपकी वेबसाइट का favicon दिखा रहा हैं। तोह अप्पको ज़रूर एक अछि Favicon देना पड़ेगा।

Desktop & Mobile Loading Speed :

Website Loading Speed On-Page SEO के लिए एक Important Ranking Factor है

गूगल slow Website Loading Speed पसंद नहीं करता है तो हमें यह निश्चित करना पड़ेगा कि हमारा वेबसाइट मोबाइल और डिस्टर्ब में अच्छी स्पीड से खोलें। तू ही हमारा साइट 18 अंक होने में हेल्प करेगी आप अपने साइट को स्पीड यह गूगल पेज स्पीड टूल से स्टेशन में लाइट हाउस (lighthouse tool ) जीटी मैट्रिक जैसे टूल को यूज करके वहां का रिकमेंडेशन और अपना साइकिल डायग्नोसिस करके अच्छी स्पीड आ सकते हैं।

अगर आपकी साइट WordPress में है तो आप Wp-Rocket,W3-Total Cache यह सब प्लगिंस उसे करके आपका वेबसाइट का लो टाइम कम कर सकते हैं आप एक अच्छे CDN Network(Content Delivery Network) jaise ki Cloudfare CDN उसे करके वेबसाइट लोडिंग स्पीड बहुत कम कर सकते हैं ।

सस्ल सर्टिफिकेट (SSL CERTIFICATE) :

आपकी वेबसाइट की Technical SEO के लिए सस्ल सर्टिफिकेट/SSL CERTIFICATE देना बहुत जरूरी है।

अपकीवेबसीते किसी वि PLATFORM में हो अगर अप्पकी वेबसाइट में SSL CERTIFICATE नहीं हैं तोह गूगल आपकी वेबसाइट को इन्सेक्युरे कंटेंट मनके शो करेगा जो आपकी SEO और विस्तार के लिए एक NEGATIVE Effect hoga। तोह SSL CERTIFICATE जरुरी है।

Structured Markup Data :

Structured Data की मदत se गूगल आपकी और साइड का Content और अच्छी तरह से जाने के लिए स्ट्रक्चर्ड डाटा का यूज करने के लिए बोलता है अबे स्ट्रक्चर डाटा 3 फॉर्मेट में आप यूज कर सकते हैं

Structured Markup Data तीन तरह की फॉर्मेट में होती है।एक है Schema ,दूसरी है RDF और तीसरी है jSONLD ।हाला की टेक्निकली अप्प किसी वि एक को उसे कर सकते हैं लेकिन गूगल jSONLD को prefer करता hai ।

अगर आपका कोडिंग में उतना पता नहीं है तो ऑनलाइन बहुत सारी अच्छी ट्यून मिलता है जैसे jSONLD generator, टेक्निकल इश्यू डॉट कॉम इसे साइड में जाके आप अपनी website के लिए Structured Markup Data use kar सकते हैं

Structured Markup Data बहुत तरह होती है अगर आपकी साइट सिर्फ (content या blog है) कॉन्टेंट साइट है तो आप अपने साइट के लिए आर्टिकल टाइप Structured Markup Data कर सकते हैं अगर अप्पकी वेबसाइट इवेंट के लिए बना हुआ हैं तोह अप्प Event Structured Markup Data उसे कर सकते हैं अगर अप्पकी वेबसाइट ecommerce स्टोर हैं तह अप्प Product Structured Markup Data उसे करसकते hein ।

अगर अप्पकी वेबसाइट एक सिंपल वेबाइट हैं तोह अप्प Organization Structured Markup Data उसे करसकते हैं अगर अप्पकी वेबसाइट में कुकिंग के रिलेटेड information है तेज अप्प recipe Structured Markup Data उसे कर सकते हैं।

AMP (Accelerated Mobile Pages) :

AMP (Accelerated Mobile Pages)/एमपी एसआई पेजेस बहुत इंपॉर्टेंट है अगर आप अपने साइड के स्पीड 4 से 5 गुना कम कर सकते हैं एमपी का जरूर करना पड़ेगा एमपी आपके साइड में पेमेंट करने के बाद आपको साइट की टीम 4 गुना बढ़ जाएगी

अगर आप WordPress में है तो दूसरी प्लगइन जैसे AMP for WP,AMP By AMP Project Contributors यूज़ करके आप सबको और एमपी में कन्वर्ट कर सकते हैं।

XML Sitemaps:

XML Sitemaps बी इम्पोर्टेन्ट फैक्टर है On-Page SEO के लिए।अगर अप्पकी वेबसाइट बहुत बरी है तोह अप्प किसी वि बैनेन्ड कंस को उसे करके अप्पकी वेबसाइट का XML Sitemaps बना कर के Google Search Console में उसे submit कर सकते हैं एक अच्छी XML Sitemap अप्पकी वेबसाइट को गूगल में क्रॉल में हेल्प करती हैं और इससे आपकी वेबसाइट का क्रॉलिंग अच्छी होतो हैं ।XML Sitemaps के बारे में बोलै जैन तोह अगर अप्पकी वेबसाइट छोटी हैं और ज़ादा अपडेट नहीं होती तोह तोह अप्प XML Sitemaps को Week या Month में एकबार अपडेट कर सकते हैं।

लेकिन अगर अप्पकी वेबसाइट अगर बरी हैं कोई ecommerce वेबसाइट हैं तोह अप्पको XML Sitemap हरदिन अपडेट करना चाइये।इसके लिए अप्प कोई अच्छी XML Sitemap जनरेटर उसे कर सकते हैं। आजकल अप्पकी CMS की अंदर ही अपपकोयह सुभिदा मिल जाती हैं जो की automatically XML Sitemaps को generate करता हैं।

robots.txt:

Robots।Txt Technical SEO की एक महत्पूर्ण भाग हैं।आप Robots।Txt से अप्पकी वेबसाइट का किसी वि सेक्शन को गूगल या दूसरी सर्च इंजन से ब्लॉक कर सकते हैं।

Crawling Test:

हालांकि यह टेक्निकल SEO में पड़ता है पर हमें इसे On-Page SEO इशू का बात मानना चाहिए क्योंकि हम यह सब अपने वेबसाइट के ऊपर ही करते हैं।

इसके बाद आ गया किसी अच्छी crawler से आपकी वेबसाइट की क्रॉलिंग टेस्ट Crawling Test ।अप्प इस काम के लिए Screaming Frog जैसे koi टूल्स का उसे कर सकते हैं जो हमे फ्री में ५०० वेबपेजेस तक आपकी वेबसाइट की crawl एडिट कर सकते हैं। इसके ऊपर आपको अगर Crawl टेस्ट करना है तोह अप्पको Screaming Frog की paid version उसे करनी होगी।

Off-Page SEO Kya hai?  Off-Page SEO Kaise kare? इसके बाद है Off-Page SEO हम अपनी website के ऊपर implement करते हैं

मूल रूप में quality link-building और अच्छी citation बनाके।

Off-Page SEO लिंक बिल्डिंग, Off-Page SEO citation के ऊपर ध्यान देती है।

जिसमें पहली कहा था कि गूगल की 200 पेक्टन बिल्डिंग बिल्डिंग हस आईटी साइंस इंपोर्टेंट फैक्ट्स है तो अगर हम क्वालिटी ऑफिस लिक बिल्डिंग और साइटेशन बनाएंगे तो हमारे साइट का और सहित का SEO का रैंकिंगकरनी का चांस बहुत बढ़ जाएगी

Guest Post:

Guest Post,Off-Page SEO की एक महत्पूर्ण factor है। जिसे हम दूसरे किसी और वेबसाइट या ब्लॉग में पोस्ट करते हैं अगर आपकी पास अपनी एक टेक्निकल ब्लॉग है और आप चाहती हैं कि आप का वेबसाइट की पोस्ट दूसरी ब्लॉगर की ब्लॉक में आपका पोस्ट डालें तो आप उन ब्लॉगर को रिक्वेस्ट करेंगे कि आप उनकी ब्लॉग में अपना एक पोस्ट डालेंगे और उसके बदले वह ब्लॉगर आपको एक-दो फलो या नो फॉलो बैक लिख देगा ।

लेकिन यह गेस्ट पोस्ट एक बहुत चर्चित विषय है इसके लिए बहुत बिबाद हुआ था। 2014 mein,में गूगल ने कहा था की सिर्फ link-building के लिए गुसेट पसोसत करने खतरनाक हैं। तोह अगर अप्प अच्छी तरह से गेस्ट पोस्ट करना कहते हैं तोह यूजर को value प्रदान करे। अगर आप ऑफिस के लिए गैस पोस्ट करते हैं तो यह चीज जरूर ध्यान रखें कि आप जिसकी भी इसी ब्लॉग में ब्लॉग पोस्ट कर रहे हैं किस पोस्ट कर दें वह आपकी रिलेटेड विषय के ऊपर हूं

Infographics:

इन्फोग्रापिक्स ओफ्फ्पाज सो के लिए एक महत्पूर्ण फैक्टर है।सिर्फ टेक्सटुअल इनफार्मेशन अब लोग पड़ना नहीं छाते हैं।अगर इनफार्मेशन को पिक्चर और ग्राफ्स के साथ बनाकर प्रेजेंट किया जाये तोह ऑफ-पेज साइटेशन के लिए एक एक इम्पोर्टेन्ट पार्ट होगा जो सो के बारे में खूब हेल्प करेगी। ऑनलाइन में ऐसे बहुत साडी इन्फोग्राफिक्स सबमिशन वेबसाइट हैं जिसके साथ आप आपकी वेबसाइट के लिए लिंक बना सकते हो।

Business Profile(बिजनेस प्रोफाइल्स):

अगर आपके साइट कोई इकॉमर्स साइट है और कोई नार्मल लीड जैसे साइट है तो आपको क्वालिटी साइटेशन या बिजनेस मोबाइल बनाने के लिए होगा अगर आपका कोई लोकल शिव करता है आपको शायद कोई लोकल बिजनेस बेस्ट है तो आपके लिए लोकल साइटेशन या लोकल बिजनेस बनाना बहुत जरूरी होगा।

Google My Business प्रोफाइल गूगल द्वारा दिया हुआ एक फ्री लिस्टिंग फसिलटी है। Google My Business Optimization में फ्री आप free लिस्टिंग बना सकते हैं गूगल माय बिजनेस में जाकर आप अगर आपके साइट को अच्छी तरह से अपनी प्रोफाइल को अच्छी तरह से ऑप्टिमस करते तो वहां से आपको जो बैकलिंक और जो भैलू मिलता है यह सब ऑफ पेज ऊपर है कि गूगल आपको खुद लिंक और खुद साइटेशन प्रोवाइड कर रहा है।

Broken Backlink Building:

Broken Backlink Building एक बहुत अच्छी उपाय है।Broken Backlink Building के लिए विकिग्रैबर जैसी टूल का प्रयोग कर सकते हैं जिसकी वजह से आप विकिपीडिया या हाई अथॉरिटी और साइड में आपकी इलेक्ट्रॉन सेट को खोज सकते हैं और जहां में आप सच में जो बुके लिंग से उनके लिंग को हटाकर अपने साइड का रिसोर्सफुल लिखा पर डाल सकते हैं इससे आपके साइट को एक पाल फुल साइज सिम मिल जाएगा।

Content Marketing/LSI Keywords:

Off-Page SEO के लिए Content Marketing एक महत्पूर्ण उपाय है।अच्छी कंटेंट सबसे महत्पूर्ण factor है SEO Optimization में। अगर अप्पकी वेबसाइट में यूनिक और अच्छा कंटेंट होगा और अप्पकी पास कंटेंट सिंडिकेशन प्लान रहेगा तोह अप्प SEO में बहुत अच्छी कर सकते हैं। ऐसा वि बहुत बार देखा गया हैं की सिर्फ अच्छी कंटेंट की मदत से नयी वेब्सीटेस की कंटेंट वि बिना backlink के गूगल में रैंक कर रही हैं। तोह अच्छी कंटें के लिए अप्पको अपनी कंटेंट में user इंटेंट वाली अच्छी कीवर्ड्स ,LSI Keywords वि उसे कर सकते हैं।

Interlinking:

Outbound Links या backlinks की जैसा ही अप्पकी अपनी वेबसाइट में Interlinking भी Off-Page SEO की एक important फैक्टर है।आपकी वेबसाइट की अच्छी Interlinking ,गूगल को अप्पकी वेबिते को समझने में बहुत मदत करती हैं जिसके बदले अप्पी वेबसाइट की SEO Ranking अच्छी होती है। अच्छी Interlinking अप्पकी वेबसाइट में Link Authority को अच्छी तरह से distribute करती हैं।

Image SEO/इमेज SEO:

Image SEO,Off-Page SEO के एक महत्पूर्ण फैक्टर है जिसे उसे करके अप्प इमेजेज से अप्पकी वेबसाइट पर खूब सरा ट्रैफिक प् सकते हैं।जैसे में इस पोस्य की पहले ही डिसकस किया था की कैसे आप On-Page SEO से इमेज सो से ट्रैफिक प्राप्त कर सकते है,थी उसी तरह अप्प अपनी वेबिस्ते इमेजेज को Pinterest ,500px यस सब वेबसाइट में सबमिट करके अप्प यह से खूब सारा ट्रैफिक और अच्छी backlink प्राप्त कर सकते हैं।

AI(Artificial Intelligence in SEO)

SEO मैं Artificial Intelligence की उसे करके आप SEO में उसे कर सकते हैं। अगर अप्प future SEO की बारे में सोचे हैं तोह अप्प डेकेहेंगे हर तरफ AI की प्रयोग हो रहा है। SEO इस से बहार नहीं। आप Ryte jaise SEO टूल का उसे करके अप्पकी वेबसाइट की लिए सबसे अच्छी कीवर्ड और रिलेटेड LSI Keywords निकल सकते हैं जिसको उसे करके अप्प अपनी यूजर की user experience बहुत हद तक बड़ा सकते हैं।

तोह अगर आप ऊपर दिए हुआ On-Page SEO, Off-Page SEO की यह सब Instruction और Tips को उसे करेंगे तोह आपकी वेबसाइट अच्छी तरह से SEO Optimized होगी।

Soumik Ghosh

About Soumik Ghosh

सौमिक घोष[Soumik Ghosh] हिंदी खबरि का एडमिन हैं. SEO और इंटरनेट मार्केटिंग में लगभग 10+ इयर्स का एक्सपेरिंस है उनको. वह मैनली टेक्नोलॉजी और डिजिटल मार्केटिंग के ऊपर लिखते है पर हिंदी में उनको बहुत दिलचस्पी होने के कारन वह हिंदी में वि ब्लॉग लिखते है. SEO और इंटरनेट मार्केटिंग को चोरके उन्हें गण सुन्ना और ऑनलाइन वीडियो देखना बहुत पसंद है. वह अंरेज़ी में वि और एक ब्लॉग टेककीबीएस. कॉम [Tekkibytes.com] का ओनर है जहा वह टेक्नोलॉजी और SEO की बारे में अंरेज़ी में वि लिखते हैं.

View all posts by Soumik Ghosh →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *