Backlink ko kaise index kare in hindi[बैकलिंक को कैसे इंडेक्स करे]

बैकलिंक को कैसे इंडेक्स करे

 

Backlink ko kaise index kare in hindi|बैकलिंक SEO के लिए एक बहुत इम्पोर्टेन्ट फैक्टर है. अगर अप्प अच्छे बाँलिंक नहीं बनाये तो गूगल में इंडेक्स होने में अप्पकी साइट को दिक्कत आएगी. पर सिर्फ अच्छा बैकलिंक बनाना ही काफी नहीं है. फॉर्मर गूगल वेबपाम हेड(WEBSPAM),Matt Cutts के अनुसार लिंक्स अभी वि गूगल रैंकिंग्स सिग्नल में सबसे इम्पोर्टेन्ट फैक्टर्स में से एक है. तोह अप्प इसको वैल्यू को तोह समझते ही होंगे.

Backlinks क्या है[Backlinks Kya Hai]

बैकलिंक का मतलब है अपपकी वेबसाइट में आने वाला इनकमिंग लिंक्स जिसको इनबाउंड लिंक्स वि बोला जाता हैं. बैकलिंक्स वोट की  तरह होती है. अगर में अप्पकी साइट को मेरा साइट से  लिंक देता हूँ तोह अप्पको मेरी साइट से एक बैकलिंक मिलेगी. जिसके पास जितना क्वालिटी बैकलिंक्स होगा गूगल और दूसरा सर्च इंजिन्स में उसका साइट उतना अच्छी रैंक करेगी.

अप्पको अच्छी बैज्लिंक बनाने के बाद उसे गूगल में इंडेक्स वि करना पड़ेगा तोहि अप्पकी साइट गूगल की सर्प पेजेज में ऊपर अच्छा रैंक करेगी.

चलाइये आपको बैकलिंक्स के बारे में थोड़ा और कुछ जानकारी देता हैं .

Inbound Links Kya hai? इनबाउंड लिंक्स क्या होता है?

इनबाउंड लिंक्स को एक्सटर्नल बैकलिंक्स वि बोल जाता है. अप्पकी पास जितनी अच्छा इनबाउंड और रिलेटेड बैकलिंक्स होगा अप्पकी साइट का गूगल में रैंकिंग का चांस उतना ही बार जाएगी.

Oubound Links Kya hai ?आउटबाउंड लिंक क्या होता है?

आउटबाउंड लिंक्स का मतलन हैं इनबाउंड लिंक्स का उल्टा. उद्धरण की लिए मन लीजिये अगर अप्पकी की साइट A है और अप्प अपनी दोस्त की साइट B को एक लिंक दिए तोह अप्पकी दोस्त को एक इनबाउंड लिंक मिला और आपकी साइट से एक आउटबाउंड लिंक गया.

लिंक देता समय हरसमय यह ध्यान रखना चाइये की जिसे अप्प लिंक दे रहे है उसका साइट वि अप्पकी रिलेटेड हो और अच्छा हो. अगर अप्प पैसा लेके लिंक दे रहे है तोह सतर्क रहे की ओह लिंक हमेशा नो फॉलो हो. क्यों की अगर गूगल ने अप्पके पेड लिंक स्कीम को ढूंढ निकला तोह अप्पकी साइट को वह पेनलीजे करसकता है. लिंक खरीदना और बेचना दोनों ही डिरेक्ट्ली गूगल वेबमास्टर गाइडलाइन्स को उललंघन करता  है .


और पड़े: [डार्क वेब साइट्स] डार्क वेब क्या है?


No-follow Links Kya hai ?नो- फॉलो लिंक्स क्या है?

[No-follow ]नो- फूलो लिंक्स वह होता है की जो लिंक गूगल क्रॉल तोह करता है लें जिस लिंक को गूगल कोइवी लिंक जूस या अथॉरिटी प्रदान नहीं करता. इसका मतलब यह नहीं की नो- फॉलो लिंक्स एकदम बेकार है. नो- फॉलो लिंक्स डायरेक्टली अप्पके साइट का रैंकिंग में हेल्प नहीं करता मगर अगर आप कोई वि हाई अथॉरिटी वेबसाइट से नो- फॉलो लिंक बनाते हैं तोह उससे गूगल और दूसरे सर्च इंजिन्स को यह पता चलता है की अप्पने एक गुड बैकलिंक बनाया.

अप्प विस्तार वि गेन करसकते हैं. तोह इंदिरेक्ट्ली अप्पको नो- फोल्ल्व लिंक्स वि बैंकिंग में हैल्प करता है.[No-follow]  टैग सेट कर देती है,नोफ़ॉलो टैग लगाके कोई वि नो- फॉलो लिंक्स दे सकते है अप्पनइ वेबसाइट से.

Do-follow Links Kya hai ? दो- फॉलो लिंक्स क्या है?

[Do-follow ]दो- फॉलो लिंक्स वह लिंक्स होता है जिसको गूगल सबसे ज्यादा प्रायोरिटी देता है. दो- फॉलो लिंक्स डायरेक्टली अप्पकी साइट को रैंकिंग में हेल्प करता हैं.


और परे:

Domain Authority Kya Hai? डोमेन अथॉरिटी क्या है?


अब अप्प अपने बैकलिंक को कैसे इंडेक्स करे ?

इस पोस्ट में में अप्पको एक्साक्ट्ली कुछ दमदार तरीके बाटूंगा जिसको उसे करके अप्प अपनी बैकलिंक्स को जल्दी गूगल में इंडेक्स करवा सकते हो.

तोह चलिए सुरु करते है.

गूगल वेबमास्टर टूल/गूगल सर्च कंसोल में पहले अप्पकी साइट सबमिट करे

यह सबसे पहले स्टेप है.फिर अगर आप वर्डप्रेस/Wordpress उसे करते हैं तोह Yoast SEO Plugin की मदत से अपनी साइट का XML Sitemap गेनेराते करके , उसे गूगल सर्च कंसोल में सबमिट करे.

अगर अप्प वर्डप्रेस/Wordpress उसे नहीं करते तोह बहुत सरे फ्री में ऑनलाइन क्मल गेनेरातो है जो अप्प उसे करसकते है.

यह रहे कुछ बेस्ट फ्री ऑनलाइन क्मल सितमप जनरेटर टूल:

  1. XML Sitemap Generator
  2. XML-Sitemaps
  3. Check Domains
  4. Web Site Map
  5. X Sitemap
  6. Smallseotools
  7. My Sitemap Generator
  8. Website SEO Checker
  9. Free Sitemap Generator
  10. The SEO Tools
  11. Count Words Free

इसे अप्पकी वेब्सीटेस के जो वि पेजस है वह सब इंडेक्स होना सुरु करेगी. ऐसा फायदा बहुत है. बैकलिंक्स दो तरह की होती है एक्सटर्नल और इंटरनल. आप अपनी साइट के अच्छा तरह से इंटरलिंकिंग करे पहले. उसके बाद जब आप गूगल सर्च कंसोल में आपने साइट को डालते हैं तोह आपकी पेजस फटाफट इंडेक्स होगी और साथ में आपकी इंटरनल बैकलिंक्स वि.

पिंग सबमिशन साइट्स [Ping Submission Sites]का उसे करे

बहुत समय यह देखा गए हैं की जल्दी बैकलिंक्स को इंडेक्स करने के लिए पिंग सबमिशन्स साइट्स वि बहुत फायदेमंद होती है. अप्प अपनी बैकलिंक्स को निचे दिए गए सब साइट्स में सबमिट करसकते है. पिनिंग साइट्स का बाउट फायदा है. एक तोह अप्पकी साइट्स की बैकलिंक्स जल्दी से इंडेक्सिंग होगी. ऊपर से अप्पको कुछ एडिशनल ट्रैफिक वि मिल जाएगी जो आपकी साइट् को गूगल आर्गेनिक रिजल्ट्स में आगे ले जाएगी.

यह रहा कुछ अच्छी पिन्गिंग वेब्सीटेस की लिस्ट:

1 http://www.pingomatic.com
2 http://www.pingler.com
3 http://www.pingmylink.com/
4 http://www.pingoat.net
5 http://www.blogsearch.google.com/ping
6 http://pingmyblog.com/
7 http://www.twingly.com/ping
8 http://www.weblogs.com/
9 http://auto-ping.com/
10 http://feedshark.brainbliss.com/

इसके एलबा अप्प यह पिन्गिंग साइट्स को वि उसे करसकते हैं जो में पर्सनललू उसे करता हूँ .

  • BulkPing.com
  • BacklinkPing.com
  • 24/7 Pinger
  • Ping Farm

साइट्स विथ नो इंडेक्स मार्केड[Sites with No-index]

बैकलिंक्स बनाते समय अप्प यह ध्यान रखना की जब अप्प बैकलिंक बना रहे हो वह सिर्फ पहले से इंडेक्स हुई पेजेज से ही हो .

अगर अप्प किसी नो- इन्सेक्स वाली पेजेज से बैक;इंक बना रहे हो तोह अप्प उस वेबमास्टर को कांटेक्ट करके उस पेज और लिंक को इनसेक्स करने को रिक्वेस्ट करे.

इससे अप्पकी बैकलिंक्स जल्दी इंडेक्स होगी.

सोशल मीडिया में शेयर करे[Social Media mein Share Kare]

अपना बैकलिंक्स बैकलिंक बनाने की बाद अप्प उसे अप्पनइ सोशल मीडिया एकाउंट्स जैसे फेसबुक ट्विटर इंस्टाग्राम पिनटेरेस्ट में शेयर करे.

Search Ranking factors social signals
Search Ranking factors Social signals

Image Source:https://moz.com/

पिनटेरेस्ट में आप अप्पकी रिलेवेंट बोर्ड्स में अप्पकी बैकलिंक्स को पिन बनके  शेयर करे. इससे अप्पकी बकल्स को सोशल सिग्नल्स मिलेगी और अप्पकी बैकलिंक्स जल्दी इंडेक्स हो जाएगी. अप्प सीसीएल मीडिया शेयरिंग के लिए Buffer/बुफ़ेर जिसे फ्री सोसिअल मीडिया सचेंडूलर उसे कर सकते हैं जिसमे आपकी पोस्ट ऑटोमैटिक सोशल एकाउंट्स में श्री होती रहेगी.

मीडिया शेयरिंग करने की बहुत ज़बरदस्त फ़ायदा है आजकल. गूगल अब अपनी सर्च रिजल्ट्स में ट्विटर एकाउंट्स और ट्वीट्स वि शो करता है. तोह सोचिये अगर अप्पके ट्वीट्स वि गूगल इंडेक्स करे तोह अप्पकी बैकलिंक्स वि उसके साथ इंडेक्स होगी.

हरबहक्त अथॉरिटी वेब्सीटेस से ही बैकलिंक बनाये [Hamesha High Authority website se hi Link Banaye]

बैकलिंक बनाने की समेत अप्प धयान रखे की अप्पको सिर्फ हाई क्वालिटी और हाई डोमेन अथॉरिटी साइट्स से ही बैकलिंक बनाना है. अगर संभव हो तोह contextual लिंक बिल्ड करे. टेक्स्ट लिंक का पावर और अथॉरिटी और किसी टाइप की बैकलिंक्स जिसे इमेज बैकलिंक्स साइडबार बैकलिंक्स से ज्यादा होती है. अगर अप्प ऐसे High Quality बैकलिंक बनाते हैं तोह अप्पकी बैकलिंक्स जल्दी ही इंडेक्स हो जाएगी.

और एक बात बैकलिंक बनाते समय अप्प अपनी केटेगरी की ही साइट से बैकलिंक्स बनाये. उद्धरण के लिए अगर मन लीजिये अप्पकी टेक वेबसाइट है पर अप्प बैकलिंक बना रहे हैं ट्रेवल वेबसाइट से तोह यह गलत होगा. गूगल को ठीक थक अप्पकी वेबसाइट को समाज नहीं आएगी. तोह अपनी तरह ही साइट्स से ही बैकलिंक ले.

High quality backlink kaise banaye[High quality बैकलिंक कैसे बनाये]

High Quality बैकलिंक बनाने के लिए सबसे पहले अप्पको देखना पड़ेगा आपका साइट किस बिसय में हैं। मन लीजिये की अपपजि साइट ट्रेवल की ऊपर बना हुआ हैं तोह अबआप हमेश ट्रेवल वाले वेबसाइट से ही अप्पन बैकलिंक बनाये.गूगल रेलेवेंसी पसनद करता हैं तोह अगर अप्प इसको मनके चलते हैं तोह अप्पकी बैकलिंक की क्वालिटी अच्छी होगी.

अगर अप्प ब्लॉग्गिंग में हैं तोह गेस्ट पोस्ट अप्पके लिए एक बहुत बरिया उपाय हैं हाई क्वालिटी बैकलिंक बनाने के लिए.अप्प सोच रहे हैं की दूसरे के ब्लॉग में गेस्ट पोस्ट करके फ़ायदा क्या होगा?

मगर अगर अप्प किसि दूसरे अप्पकी टॉपिक की साइट में अपनी पोस्ट करेंगे तोह अप्प अपनी साइट की एक अच्छी एक्सपोज़र दे सकते है. इसकी कारन यह है की अप्प जिस साइट में पोस्ट कर रहे हैं उनकी एक बना बनाया ऑडियंस है. तोह अप्प जब अपनी टॉपिक पोस्ट कर रह हैं तोह आपकी पोस्ट उन लोगो तक जाएगी और अगर अप्प अच्छी पोस्ट लिखे तोह वह लोग जरूर अप्पकी वेबसाइट में जायेंगे और अप्पको एडिशनल ट्रैफिक,ब्लॉग कम्नेट्स,और अबैकलिंक मिल जाएगी.

असा हैं अप्पको इस पोस्ट अच्छी लगी होगी. अगर अप्प इस तरह की और वि पोस्ट कहते हैं तोह ज़र्रोर कमेंट करे और इस पोस्ट को शेयर करे. हम इस पोस्ट को सदा अपडेटेड रखेंगे जो वि कोई नया अपडेट अट्टा है उसके साथ.

 

Soumik Ghosh

About Soumik Ghosh

सौमिक घोष[Soumik Ghosh] हिंदी खबरि का एडमिन हैं. SEO और इंटरनेट मार्केटिंग में लगभग 10+ इयर्स का एक्सपेरिंस है उनको. वह मैनली टेक्नोलॉजी और डिजिटल मार्केटिंग के ऊपर लिखते है पर हिंदी में उनको बहुत दिलचस्पी होने के कारन वह हिंदी में वि ब्लॉग लिखते है. SEO और इंटरनेट मार्केटिंग को चोरके उन्हें गण सुन्ना और ऑनलाइन वीडियो देखना बहुत पसंद है. वह अंरेज़ी में वि और एक ब्लॉग टेककीबीएस. कॉम [Tekkibytes.com] का ओनर है जहा वह टेक्नोलॉजी और SEO की बारे में अंरेज़ी में वि लिखते हैं.

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